क्या करोना वायरस एसी से फैलता है? जानिए पूरी विस्तृत जानकारी।

 

कोरोना वायरस संक्रमण की मौजूदा स्थिति में कई तरह के मिथक भी चल रहे हैं। इससे आम लोगों में भ्रम की स्थिति है। खासतौर से एयरकंडीशनर के उपयोग को लेकर कई भ्रांतियां फैल गई है। इसी कड़ी में केरल सरकार की एक विशेषज्ञ पैनल ने कार में AC के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकाला है। यदि राज्य सरकार पैनल के प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो ड्राइविंग करते समय कार में AC के उपयोग पर पाबंदी लगाई जा सकती है। बता दें कि पैनल की रिपोर्ट में तथ्य सामने आया है कि ड्राइविंग करते समय यदि कार में AC का उपयोग किया जाता है तो ये कोरोनो वायरस को प्रसारित करने में मदद कर सकता है। इससे कार में बैठे लोग संक्रमित हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा- 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय मूल्यांकन बैठक के दौरान एक्सपर्ट पैनल के चेयरमेन बी. इकबाल ने ये सुझाव दिया है। इसके बाद तय किया गया कि एयर कंडीशंड की दुकानों को कार्य करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। एक अन्य प्रस्ताव था कि यदि कारों और अन्य वाहनों में AC का उपयोग होता है तो इसे नियंत्रित किया जाए। हालांकि सरकार ने अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है।
इस तरह फैल सकता है वायरस
केंद्र सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दस्तावेज के मुताबिक संक्रामण फैलाने वाले तत्व एयरोसोल एयर-वेंटिलेशन या एयर-कंडीशनिंग सिस्टम की मदद से लंबी दूरी पर फैल सकते है। एक विशेषज्ञ के मुताबिक जिस तरह लोग हाथ धो रहे हैं, फेस मास्क और ग्ल्वस पहन रहे हैं और सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं, ठीक वैसे ही कार और भवनों में एयर कंडीशनिंग सिस्टम को भी बंद रखा जाना चाहिए।
पर्याप्त सबूत हैं
विशेषज्ञ पैनल का ये भी कहना है कि एयर-वेंटिलेशन या एयर-कंडीशनिंग सिस्टम से कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) के संचरण को साबित करने के लिए पर्याप्त अध्ययन नहीं हैं, लेकिन इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि ये वायरस ऐसी ही प्रणालियों से प्रसारित हो सकते हैं। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति कार में बैठा हो तो ये एयर कंडीशनिंग सिस्टम केबिन के चारों ओर वायरस को प्रसारित कर सकता है। इसी तरह की स्थिति उन इमारतों के साथ भी हो सकती हैं जहां हवा आने-जाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

 

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